Cousin Love

The constant ringing of the phone woke me up. I got up and looked at my table clock it was 8 am and I picked up the phone. Hi cousin!! Anju here and how is my favourite cousin and I immediately recognized the voice of my cousin Anju, Hi Anju! How are you? Where are you? I asked now completely awake and I am in Delhi getting ready for my marriage.

We had still some shopping left so mother said that we can go to Lucknow for shopping and we can meet you guys also she replied. My cock just sprang up in anticipation as my cousin was damn hot and beautiful girl just talking to her gave me a hard on. So when you guys coming? I asked excitedly and we will be there day after tomorrow by 5 pm flight be there dear and she replied. More

Mother Punished By Policeman


The train whistled and my mum lifted me and ran towards the door. We made it just in time before the train could gain speed. My mum sighed in relief and started searching for our seats. We found it without much ado and kicked the luggage under the seats. My mum had taken too much trouble for this; she hadn’t packed her bags last night building up a lot of shouts and anxiousness this morning. MUM: ‘’beta come and sit on my lap.’’ I had been looking out through the window at the racing meadows and grazing lands. As my mum said I ran to her and sat on her lap and she planted a kiss on my cheek. ME:”Mamma, when are we going to reach there?” MUM:”In three days beta’’ ME:”Oh’’ We had boarded the Kerala express and were going to our native place. Soon it turned dark as evening swept in. Yet nobody was there in the compartment except us. I leapt out of my mother’s lap and sat on the opposite seat. And hereby my habit of fooling around started. I jumped from seat to seat and climbed the upper berth which gave me immense pleasure. My mum scolded me and I as usual didn’t listen. Nothing used to scare me when I was of that age as my mum still recalls. The only thing she used to scare me with was the police. She used to show me the policemen in TV with guns and I used to obey every command. But now the TV was far away and I had no reason to worry. But that night at a station our train stopped and a well built police man came in our compartment. He was grim looking at first so I swiftly climbed up. But to my utter surprise he smiled. Can they smile? , I wondered. The policeman talked with my mother the evening and they continued their boring talk occasionally laughing. When my mother told him about my fear for the police he immediately pulled out his gun and allowed me to touch it. I was enthralled and lost my fear for the police too. MUM:”You shouldn’t have done that” She said smiling and the guy smiled back. They continued talking and I fell asleep. Next day the police guy changed into his clothes and was looking neat. I played with him whole day and my mother remained staring at us with a lopsided grin on her face. My dad was a businessman and never played with me so much. It was mesmerizing; the feeling that man had created in me. 2 days were left and now we were supposed to reach Kochi by Monday morning as my mum said. More

भाभी ने मुझे चोदा

मै दीपेश २४ साल का मुम्बैई मे रहता हूं। मेरी हाईट ५.६” गोर रंग और सबसे महत्त्वपूर्ण कि मेरा लंड ८” का है जिसे सारी लड़कियां, भाभियां और आंटियां पसन्द करती हैं।

मेरी भाभी दीपा, जो एक सुन्दर सेक्सी लेडी हैं, की उमर २७ साल है। उनके बड़े बड़े स्तन और मोटे चूतड़ जो चलते समय इधर उधर झूलते हैं, मुझे हर वक्त बेचैन किये रहते हैं।

मेरा भाई २८ साल का है और ८ महीने पहले उसकी शादी दीपा से हुई है। वो एक बड़ी मल्टी नैशनल कम्पनी में सोफ़्टवेयर इंजीनीयर है। उसे अक्सर कम्पनी के काम से विदेश जाना पड़ता है। मै भी एक बी पी ओ में काम करता हूं और भैया भाभी के साथ रहता हूं। शुरू के महीनों में भैया भाभी ने अपनी मैरिड लाइफ़ को अच्छा एन्जोय किया। फ़िर भाभी भैया के लम्बे समय के विदेश के टूर से परेशान हो जाया करती। भैया चार महीने के लिये फ़िर गये तो मैं और भाभी दोनो ही घर मैं अकेले थे, भाभी एकदम उदास नज़र आती थी। मैं भाभी से बहुत बातें करता था और उनको खुश करने की कोशिश करता था, लेकिन ये बहत मुश्किल था। थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये। भाभी में मैने थोड़ा चेंज नोटिस किया, मैं और भाभी अब अच्छे दोस्त बन गये थे। दोनो बाहर शोपिंग करने जाते थे, घूमते थे मज़े करते थे। जो लोग हमे नहीं जानते थे उन्हें हम दोनो पति और पत्नी लगते थे मेरे मन में भाभी के बारे में बहुत सेक्सी ख्याल थे लेकिन वो अपने बड़े भैया की वाइफ़ है ये सोच के मैं अपने आप को कंट्रोल करता था। लेकिन रात को घर में हम दोनो अकेले होते तो मेरा लंड भाभी को चोदने के इरादे से खड़ा हो जाता था और मैं अपने लंड को अपने हाथों से हिला के अपनी आग बुझाता था।

भाभी और मैं बहुत सी बातें करते थे, वो हमेशा ये जानने की कोशिश करती थी कि मेरी लडकी दोस्त है या नहीं? मैं उसे कहता था कि मेरी कोइ गर्ल फ्रेंड नहीं तो वो मानने से इंकार करती थी, वो बोलती थी कि तेरी कोइ गर्ल फ्रेंड नहीं ऐसा हो ही नहीं सकता, और कहती थी लड़कियों को तेरे जैसे सुडोल सुगठित लड़के चाहिये होते हैं। आज कल भाभी ऐसे ही बातें करती थी। मैं जान गया भाभी के मन में मेरे बारे में कुछ चल रहा है। उसका मेरे साथ व्यवहार भी थोड़ा बदल गया था। बातें करते समय वो मुझे छूने की कोशिश करती थी। मेरे करीब आया करती थी। मैं बड़े मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल करता था। भाभी अब सेक्स की कमी महसूस कर रही थी। उसकी हरकतों से ऐसे लगता था कि शी नीड्स सेक्स वेरी बेडली।

नोर्मली वो घर में साड़ी में रहती थी, साड़ी में उसकी राउंड एस देख के मेरा तो लंड हमेशा टाइट हो जाता था। उसकी नाभि, ब्लाउज़ में से दिखने वाली उसकी सेक्सी क्लीवेज में इन सबके लिये पागल हुये जा रहा था। झाड़ू कटका लगाते समय हमेशा मेरे सामने वो अपने साड़ी का पल्लु इंटेन्शनली गिराया करती थी ताकि मैं उसके बड़े बूब्स देख सकुं। शायद वो मुझे पाने के लिये पागल हुए जा रही थी। लेकिन मुझमे इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं जाके भाभी को चोदना शुरु करुं। मुझे बहुत डर था।

एक दिन रात को बेडरूम मैं अपने सेक्सी भाभी के बारे में सोच कर अपना लंड हिला रहा था, मेरे रूम का डोर तो बंद था लेकिन मैने लोक नहीं किया था। तभी भाभी कुछ काम से या जानबूझ कर मेरे रूम में बिना नोक किये चली आई, और मैं अपना लंड बड़े मज़े से हिला रहा था। भाभी को देख के मैं इतना शर्मा गया, कुछ कह नहीं सका। भाभी ने भी कुछ नहीं कहा लेकिन मेरे बड़े लंड को २-३ मिनट तक देखते रही और वहा से चली गयी। अगले दिन सुबह मैं जब ओफ़िस जाने की तैयारी कर रहा था तब भाभी ने मुझे स्नैक्स और चाय दी। मैं तो रात की घटना से इतना शरमा गया था कि मैं भाभी से आंखें नहीं मिला पा रहा था। एक नज़र मैने भाभी के तरफ़ देखा तो भाभी ने मुझे शरारती इस्माइल दी, लेकिन कुछ नहीं कहा। और मैं झट से वहां से ओफ़िस के लिये निकल पड़ा।

मैं शाम को ७ बजे ओफ़िस से घर आया, भाभी ने डोर खोला उसने पिंक कलर की शीफ़ोन साड़ी और सेक्सी स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना हुआ था। वो सेक्सी दिख रही थी . उसके ट्रांसपरेंट साड़ी मैं से उसकी सेक्सी बोडी साफ़ दिख रही थी। उसने मेरे हाथों से मेरा ओफ़िस बेग लिया और मुझे अंदर लेके डोर बंद कर दिया। और उसने मुझसे पूछा “प्यारे देवरजी, आप कल रात को क्या कर रहे थे??”

मैने कहा “ भाभी मैं कल रात को आपके बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था।” मैं उसी के बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था ये सुन के वो एकदम पागल हो गयी और मेरे पास आयी, उसने मुझे धक्का दिया और सोफ़े पे गिरा दिया। अब वो जम्प करके मेरी छाती पर बैठ गयी और बोलने लगी, “दीपेश, तुम कितने भोले हो, अपनी भाभी को चोदना चाहते हो लेकिन कभी ज़बरदस्ती नहीं की, मैं भी तुम्हारे लिये पागल हूं, मैने सोचा था कभी ना कभी आके तुम मुझे ज़रूर चोदोगे। लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया। मैं तुम्हारा प्यार पाने के लिये तड़प रही हूं। तूने भाभी को बहुत तरसाया है। मुझे तुम्हारे प्यार की बहुत ज़रुरत है।” ऐसे बोल के उसने मेरे होंठों पे अपने होंठ कसके दबा दिये। १५ मिनट तक वो मेरे और मैं उसके होंठ चूसता रहा। अब मेरा भी लंड बहुत टाइट हो रहा था। होंठों के बाद वो मुझे सब जगह पे चूमने लगी। गाल छाती और सब जगह. मैं भी उसके गालों को चूसने लगा। चूस चूस के उसके गोरे गाल मैने लाल कर दिये।

अब तो वो बहुत गरम हो गयी थी उसने मेरे कपड़े निकाल दिये, और मैने उसके। अब मैं सिर्फ़ मेरे अंडरवेअर में था। और मेरे लंड का शेप साफ़ नज़र आ रहा था। वो शेप देख के वो और पागल हो गयी। और बोली “दीपेश, जब से तुम्हे अपना ये बड़ा लंड हिलाते देखा है मैं तो इसके लिये पागल सी हो गयी हूं, अब मुझे और ना तड़पाओ” ऐसे बोल के उसने मेरी अंडरवेअर निकाल दी। अब वो मेरा पूरा नंगा लंड देख के जो की अब ८” से बड़ा हो गया था अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। उसने उसे अपने हाथों से हिलाना शुरु किया। और बोली “तुम्हारा तो तुम्हारे भैया से काफ़ी बड़ा है, इसलिये मैं तुम्हें कहती थी कि तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है क्या?? मेरे भोले देवर जी लड़कियों को ऐसे बड़े लंड वाले लड़के बहुत पसंद होते है” और वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी। अब उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। मेरा लंड पहली बार किसी होल में जा रहा था। मेरे लंड को गुदगुदी सी हो रही थी। मै जैसे स्वर्ग में था।

उसने मेरा लंड पूरा अपने मुंह में ले लिया। क्योंकि यह मेरा पहली बार था, मैं ज्यादा देर नहीं टिक पाया, ५ मिनट के बाद मैने उसे कहा कि मैं छूटने जा रहा हूं, उसने कहा कि मुंह के अंदर ही छोड़ देना, और मैने बड़े फ़ोर्स के साथ अपना वीर्य उसके मुंह में निकाल दिया और उसने वो पूरा निगल भी लिया। अब छूटने की वजह से मेरा लंड फ़िर अपने नोर्मल शेप में आ गया। तब भाभी और मैं बाथरूम में सफ़ाई के लिये चले गये। वहां वो तो और सेक्सी बातें करने लगी। लगता है अब तक उसकी गरमी ठंडी नहीं हुई थी। उसने कहा “तुम्हारे भैया का लंड तुमसे बहुत छोटा है, और वो मुझे इतना प्यार भी नहीं करते, भैया नहीं थे तो मैं सेक्स के लिये बहुत पागल हुये जा रही थी, मुझे तुम अपनी बीवी समझना और जब जी चाहे तब चोदना। ये भाभी आज से तेरी है” और उसने मुझे फिर किस करना शुरु किया। हुम एक दूसरे को फिर चूसते रहे, चूमते रहे। मैने उसे कहा “भाभी देवर को दूधू पिलाओ” उसने कहा “पूछो मत ये दूध और दूधवाली सब आप ही के लिये है, जितना दूध पीना है पी लो” और मैने बिना रुके उसके ३६ डी साइज़ के सेक्सी बूब्स दबाने लगा। उसे ज़ोरो से चूसने लगा, वो चीखने लगी, चूसो और ज़ोरों से, पी जाओ सारा, दीपेश आआआआअ आईईइ ईइ अ दूध ऊऊऊह ह्हह्हा आऐइ ईई ईई……ऊऊ ऊऊओ ऊऊओ ऊओ ऊ…आ आआअ आ आअ।

मैने अपनी चुसाई शुरु रखी, और वो मेरे लंड से खेले जा रही थी। २० मिनट मैने उसके बूब्स चूस चूस के लाल कर दिये, अब मेरा लंड फ़िर टाइट हो रहा था। अब तो मेरे लंड को उसके चूत के होल में जाना था। मेरा टाइट लंड मैने उसके चूत पर प्रेस किया। मेरा लंड मोटा होने के कारण अंदर जाने में थोड़ी प्रोब्लम हुआ। लेकिन २-३ हार्ड पुश के बाद अंदर गया। तब वो चिल्लाई आआअ आआअ आऐइ ईईईइ ऐईईइऊ ऊऊऊईइ ईईईई माआ आआआ निकालो बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन वो उसे अलग नहीं होने दे रही थी। उसे भी बहुत मज़े आ रहे थे। मेरा लंड भी बहुत मज़ा कर रहा था। माउथ फ़किंग से चूत चुदवाना अच्छा लग रहा था। मैने उसे लगभग २० मिनट तक चोदा और उसके चूत में पानी निकाल दिया, उसी टाइम पे उसके भी चूत से पानी निकला।

फिर हम दोनो बाथरूम में एक साथ शोवर में नहाये, वहां भी मैने थोड़ी मस्ती की। ओफ़िस से घर आने के बाद ७.०० से लेके ९.३० तक चुदाई का ही प्रोग्राम चलता रहा। उस रात को हम दोनो एक ही बेड पे सोये थे एक दूसरे के बाहों में हब्बी & वाइफ़ की तरह। मेरी सेक्सी भाभी के बदन की आग ठंडी हो ही नहीं रही थी। सुबह ५.३० को वो फ़िर से मेरे लंड के साथ खेलने लगी मैं तब नींद में था। लेकिन उसके मस्ती से मैं उठ गया और मेरा लंड भी उठ गया। और फिर १ बार मस्त चुदाई हुई।

उस पूरे दिन में हम दोनो ने ४-५ बार सेक्स किया, मैं तो पूरा थक गया था और वो भी। दूसरे दिन मैं ओफ़िस जा ना सका।

इस लिये मैने इस स्टोरी को “भाभी फ़क्ड मी” ये नाम दिया है। वो रात मैं अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं भुला सकता। उसके बाद मैने भाभी को बहुत बार अलग अलग तरीके से चोदा है। लेकिन अच्छी बाते कभी ज्यादा देर नहीं टिकती वैसे ही हुआ, लास्ट मंथ में भैया का ट्रांसफ़र हो गया गुड़गांव में, और उन्हें शिफ़्ट होना पड़ा। भाभी भी अब उन्हीं के साथ रहती है। अब मुम्बई में बिल्कुल अकेला हूं।

अब मेरे लंड को चोदने की अच्छी आदत लगी है, और जैसा भाभी ने कहा था कि लड़कियों को बड़े लंड वाले लड़के पसंद है वैसे ही हुआ, मेरे ओफ़िस में एक लड़की है, उसने मुझसे फ़्रेंडशिप की, मैने उसे परपोज़ भी किया। उसे भी मैं ३-४ बार चोद चुका हूं। ये स्टोरी मैं आपको अगली बार ज़रूर बताउंगा।

Very Helpful Mom

Hi friends, I m Raja a normal boy doing my bachelors and i am from a upper middle class family in Tamilnadu… My dad runs the biggest provisional stores in our locality and my dad name is sundar and my mom s RAJI the heroine of this story..well as a normal teenage boy i too had urge to have sex with a women and this interest made me look my teachers,my class mates,my neighbor aunts,my relative

Aunts and even my friends mom and sisters in a sexual way..

I usually got more care from my parents as i m their only son and they love me so much..So i used to get a lot of pocket money and which i mostly used on surfing on a net center to surf on the porn sites(as my mom s a house wife she will be around my house so seeing porn sites in my house is quite risky).. And we have a big house and we have left two rooms for rent and the couple living there where a newly married one and the husband is Mithun and the wife is

Devi..the rooms are just separated from my bed room window by a verandah….I have a very dark secret of having devi in bed and have peeped their bedrooms when i hear moaning sound and have masturbated seeing them making love… the category which attracted me the most was the INCEST one…It was lighting the fire on me and that too the stories named after the sexual relationship between mom and son pulled me in so much…

From then i started seeing those category and the stories like that very often… My way on looking my mom changed very soon… Till that i have seen her in semi nude positions like when she is only in her jacket and petticoat without a pallu showing her belly,i haven’t cared about those scenes at that time…

I started seeing her as a normal women whom i used to fantasize in my dreams… Let me tell about my mom she is a awesome looking Indian women her physique look like the combination of Tamil actress NAMITHA and MUMTAJ..She got married when she was 18 and had me when i was 19 and now i m 19 and she is just at her 38.and none find her to be at 38 and many thinks that she just enters
her later 25’s.. And i have even found few of my very close friends having a secret fantasy to fuck her and this makes me horny… And one day while was peeping at their room while they where fucking very lustily i found mithun saying my mom’s name and fucking his wife and whereas his wife was saying my name..i was puzzled and then while they where resting they where talking about the fuck and he said i m waiting for a chance to fuck raji and his wife said raja is dark and handsome i cant wait so long to have him in me…i was very much excited to hear those words..and i thought of moving from there and decided to fuck my for sure and if i succeed to fuck my mom i will get devi for sure..

Let me start how i ended up fucking my dream lady MY MOM. she usually never wears a bra in home and i have never found a inner ware of a women so i declared that my mom s a free lady at home.. Usually my dad sleeps at the shop at night and will be at the shop till 9p.m at night and his food will be taken to him by our workers. and so me and my used to sleep at a single room and i started watching her acts for a couple of days and i found that she wakes up at night and piss off and returns to the bed… So the next day i woke up when she went for pissing i just moved the lungi (a petticoat type night wear men usually wears) i wore and i shagged my tool well made it erect to the extent and made the scene as if the lungi had moved in accident.. When my mom returned she saw my tool and she was shocked on seeing that,she started breathing faster and then she came near me had a clear look of my tool and checked me whether i am sleeping and she smiled and moved my dress and covered my tool and slept.. the next day she was as usual in the way she speak,the way she hug and kiss..i felt very happy on that.

On the same day night i moved it very earlier as soon as the lights where putt off and dis time i moved the dress till my knees and slept…She saw it and then said Damn horny boy erect always and covered my tool and lied closer to me and kissed on my fore head and slept…This made me very horny even thought of return a kiss to her and fuck her the very moment..But i controlled my self…
The next day i dint move my dress and to my surprise my mom moved my dress and touched my tool and started smiling at my face and kissed three times in my fore head and slept…
From that day on i found my mom had changed in her dressings and her way she dresses,she usually wears a saree above her naval but that day i found it very low from her naval..i was very much excited on seeing that..But i have to leave for my college with a normal hug and a kiss.

Few days after that i went for having a bath and i forgot to take a towel and i shouted to my mom to bring my mom a towel,but she replied dont worry son no one is at home you can come outside and your mom have seen you naked many a times…I wanted to use this chance so i made my tool erect and went out and my mom seeing that laughed and tapped on my Butt saying naughty boy and covered me with a towel she had in her hand…that was very much a green signal but i dint have enough guts to go further and waited for another chance…

From then on i started to remain nude at home when no one is there at my home except me and my mom. once my mom asked me to wear dress but i refused to wear saying that you have seen me nude and what is the use of wearing a dress..She smiled and said i never thought my son would be so naughty and went..

Next came her birthday so planned to make this day as my day and then during her birthday my dad went for a trip to my native for a house function of his sister,so i was with my mom in my house so i decided and bunked my college and spent my entire day with her at 9am we started from home and took her for a long trip in ECR and went to a movie in Mayajal and then at eve we returned to a shopping complex in out locality and in there i decided to seduce her and took her to buy a saree and bought her a saree in black transparent color and then a crimson red transparent saree..

Then i took her to the section where inner ware where sold.She was shocked to see me taking me there and at that time the sales women asked us the size of the bra and panties you are looking for,my mom got embraced and whispered me in my ears saying that she wont have a habit of wearing that but i said this is the models i want you to try them and you will look more attractive when you wear these inners you will look more gorgeous…she flushed and then i asked the sales women to take measurements of her and came out, i found a accessory shop where i found a waist chain to be more attractive and bought (this idea i got from a story in the iss forum). After she finished with her inners we went to a shop and bought few nighties which where tight and i wondered my mom said wearing tight is the latest trend now and bought them and then we returned home..

At home my mom wore the dress i bought for her in that Red transparent saree she was an angel and she asked me what have you bought for mom and then i showed her my gift,the waist chain and then she asked me to wear it for her,i asked her to move her pallu but she removed it and was standing only in her jacket and petticoat,my tool started to raise,as i was nude i wanted to hide so i went behind her to wear her the chain and i slowly touched her waist and i pinned the chain together and at last i made the dollar of it lie exactly on her naval and i touched it my finger and waited for her to move but she said wait son i ll bring your dinner in 10mins and went into her room to change into her newly bought nighty.

After ten minutes she came out with her dress changed and she was wearing her tight nighty and i could find no bra inside because i found her nipples porking in the tight fit.
i was sitting down in the floor of my hall and was watching a movie and she brought my dinner and then she bent down to feed me and it was a normal thing she usually feeds me and even i m grown she likes to do that,on seeing her dress i started to get a hard on but this time i decided not to cover it and my mom saw that and asked me  (From here let me make it  as a conversation)

Mom:what makes you erect my son??

Me:It was you mom!!
Me:Yes mom,it was you.
Mom:But Son.
Me:No buts mom.
Mom:What in me makes you so horny??
Me:Your boobs mom,they are awesome and i want to see them..
Mom:What?? But Raja remember you are my son and this is not fair..
Me:Then is that fair for you to watch your son naked around you like this??
Mom: No Raja.

Me:Mom its only you and me and i just wanna see them,you are my dream women dont say no PLS (i donno how i was able to speak like this to my mom)
Mom:(Thinking for few mins and said) Ok son i will show you but this should end up here and no one should know about this ever…Is that ok??
Me:Anything to see you mom…
Mom:Close your eyes until i undress myself..
Me:Yea ok mom(i closed my eyes and started shouting inside me because i m gonna see my mom’s booby)
Mom:Open your eyes Raja (She was sitting near me in the floor,folded her legs and she have removed her nighty and kept in the gap of her folded legs to hide her pussy,and actually we both where sitting nude facing each other).

Me:Mom you are very beautiful,and i moved to her and touched her right boob,
Mom:Raja,i heard that you said you only wanted to see them..but you are touching it???
Me:Come on mom..(and i slowly pressed it and she started cuddling my hair and there was never a opposition to that shown by my mom).
The green signal i got and i slowly started to press one in hand and the other one was in my mouth and my mom started moaning,i was almost on her and she lied on the floor and i went on her and i was locked my her legs below my waist and in a few minutes we where kissing our lips very passionately..
then i just raised her in my hip and we where kissing all the way to our bed room and first i laid my mom in the bed and kissed her from top to bottom i mostly concentrated in licking the navel of my mom which i find more seducing and was playing with her boobs and then i went to explore the hole which i came and i again went into it..then i was laid by mom and she started to lick my tool and next we where in a 69 position licking our genital organs. And then came the main action,

Mom:Come on Raja,Fuck me..
Me:Mom…I m waiting for that for a long time..
Mom:fuck me you mother fucker..
These words of my mom made me damn horny and i entered into my mom very forcefully and she was very tight and it was a pleasurable pain for both of us and

We both where shouting to our extent forgetting our neighbor (our tenant) living to the room next to our bed room and in a few seconds i could see the lights where on at their house and as i know the stuffs i dint want to stop and i carried with my work in entering my mom.. i came in her after fucking her for 15mins and then i fell on her chest and lied there kissing her boobs and was very tired having my first sexual experience that too with my mom. And i found they couple where peeking at our room and they where shocked to see us having sex.. and atlast i found a women in my mom and to my luck i am gonna fuck another women who i wanted to fuck because of my darling mom… And in the following days i had a swap sex with mithun and devi on me and my mom….

Let me continue that story in my next chapter..

नौकरनि के बुर मैन लंड

दोसतोन, लदकि को सेदुसे करके चोदने मेन बदा मज़ा आता है। बस सेदुसे करने का तरीका थीक होना चहिये। मैने अपनि घर कि नौकरनि को ऐसे हि सेदुसे कर खूब चोदा। अब सुनो उसकि दसतान। मेरा नाम है विजय चुदक्कद। मेरे घर मेन उल ज़लूल नौकरनियोन के काफ़ि अरसे बाद एक बहुत हि सुनदर और सेक्सी नौकरनि काम पर लगी। 22-23 साल कि उमर होगि। सवलान सा रनग था। मेदिउम हेघत कि और सुदौल बदन, फ़िगुरे उसका रहा होगा 33-26-34। शादि शुदा थि। उसका पति कितना किसमत वला था, साला खुब चोदता होगा। बूबस यानि चुचियन ऐसि कि बस दबा हि दलो। बलौसे मेन समता हि नहि था। कितनि भि सारि से वोह धकति, इधर उधर से बलौसे से उभरते हुए उसकि चुचियन दिख हि जाति थि। झरु लगते हुए, जब वह झुकति, तब बलौसे के उपर से चुचियोन के बीच कि दरर को चुपा ना सकति। एक दिन जब मैने उसकि इस दरर को तिरचि नज़र से देखा तो पता लगा कि उसने बरा तो पेहना हि नहि था।

कहन से पहनति, बरा पर बेकर पैसे कयोन खरच किये जैये। जब वोह थुमकति हुइ चलति, तो उसके चुतर हिलते और जैसे केह रहे होन कि मुझे पकदो और दबओ। अपनि पतलि सि सोत्तोन कि सरी जब वोह समभलति हुइ सामने अपने बुर पर हाथ रखति तो मन करता कि काश उसकि चूत को मैन चू सकता। कररि, गरम, फुलि हुइ और गिलि गिलि चूत मेन कितना मज़ा भरा हुअ था। काश मैन इसे चुम सकता, इसके मम्मे दबा सकता, और चुचियोन को चूस सकता। और इसकि चूत को चुसते हुए जन्नत का मज़ा ले सकता। और फिर मेरा तना हुए लौरा इसकि बुर मेन दाल कर चोद सकता। है मेरा लुनद ! मानता हि नहिन था। बुर मेन लुनद घुसने के लिये बेकरर था। लेकिन कैसे। येह तो मुझे देखति हि नहि थि। बस अपने काम से मतलब रखति और थुमकति हुइ चलि जाति। मैने भि उसे कभि एहसास नहि होने दिया कि मेरि नज़र उसे चोदने के लिये बेताब है। अब चोदना तो था हि। मैने अब सोच लिया कि इसे सेदुसे करना हि होगा। More

चचेरी बहन के साथ सेक्स Desi Story

मैं पहली बार अपना एक्सपेरियंस शेयर करने जा रहा हूँ। ये बिल्कुल ही सच्ची कहानी है मेरी चचेरी बहन गांव से अपनी पढ़ाई के लिए हम लोगो के पास शहर मे आई थी। उस समय वो इंटर मे दाख़िले के लिये आई थी और मैं ग्रेजुएशन मे था। हम लोग शुरू से शहर में रहते थे। मेरे पिताजी सरकारी नौकरी मे थे। मैं घर मे सबसे छोटा हूँ। मेरी बहन मुझसे छोटी थी क़रीब 5 साल की थी। शुरू मे तो ऐसा कोई ख़्याल नही आया, मगर धीरे धीरे मन सेक्स की तरफ़ होने लगा। हम लोगो का कमरा छोटा था और हमलोग सब एक ही बेड पर सोते थे। मैं अक्सर अपनी बहन के बगल मे सोया करता था। रात मे सोते समय मेरे हाथ उसके पेट को छूते थे। मुझे तो आकर्षण महसूस होता था मगर उसके बारे मे मुझे कुछ पता नही चल पाता था।

एक दिन मैंने उसके स्तन को छुआ तो उसने थोड़ा विरोध किया मैंने तुरत अपना हाथ हटा लिया। फिर मैंने एक बार कोशिश की लेकिन फिर से हटा दिया मगर कुछ बोला नही मुझे भी डर लग रहा था क्योंकि मेरी मा और मेरी अपनी दोनो बहन भी बगल मे सोई हुई थी।


दूसरे दिन मैंने फिर से कोशिश की इस बार मैंने उसके स्तन को तोड़ा ज़ोर से प्रेस किया इस बार उसकी थोड़ी सहमति थी मैंने धीरे धीरे काफ़ी देर तक प्रेस किया शायद उसे भी आनंद आ रहा था। ये कार्यक्रम काफ़ी दिनो तक चला। एक दिन उसने मुझसे पूछा की आप ऐसा क्यों करते है तो मैंने बोला की क्यों तुम्हे पसंद नही है तो उसने कहा नही ऐसी कोई बात नही मगर किसी को पता चलेगा तो क्या होगा। तब मैंने कहा किसी को पता नही चलेगा। तुम साथ दो तो कुछ नही होगा। फिर उसने हामी भरी। अब हम लोग घर मे किसी के नही रहने का इंतज़ार करने लगे और ये मौक़ा भी हमे जल्द ही मिल गया और मैंने कहा की अब मैं कुछ और टेस्ट करना चाहता हूँ।

तो उसने पूछा क्या तो मैंने कहा, मैं तुम्हरा स्तन देखना चाहता हूँ उसने पहले तो मना किया फिर थोड़ी देर मे हामी भर दी तो मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया और फिर मैंने धीरे से से उसके सलवार को उपर किया और उसके ब्रा को उपर किया तो देखा की दो गोल गोल स्तन मेरे सामने थे जो की मैंने पहले कभी नही देखा था और फिर मैंने अपने दोनो हाथों से उसको दबाना शुरू कर दिया शायद उसे भी अच्छा लग रहा था और वो ज़्यादा ही उत्तेजित हो रही थी। फिर काफ़ी दिनों तक चलता रहा मगर असली प्यास अभी नही बुझी थी और मेरा मन उसको चोदने को करने लगा।

एक दिन मैंने कहा की ये सब काफ़ी हो गया क्यों ना ज़िंदगी की असली मज़ा लिया जाए तो उसने कहा – क्या ? तो मैंने कहा ज़िंदगी की सुख तो चुदाई मे ही हैं जो कि हर आदमी और औरत की ज़रूरत है। तब उसने कहा इसमे कोई रिस्क तो नही है ?

मैंने कहा- नहीं, सावधानी के साथ करेंगे। मगर पता नही उसे काफ़ी डर लग रहा था और हिम्मत नही जुटा पा रही थी। काफ़ी समझाने के बाद उसे विश्वास हो गया और उसने हामी भर दी और हमलोग एकांत का इंतेज़ार करने लगे और एक दिन हमे मौक़ा मिल गया जब मेरी मां और बहन बाज़ार गये और हम दोनो घर मे अकेले थे तब मैंने कहा क्यों ना अपनी ज़िंदगी की प्यास भुझा ले।।

उसने दबी ज़ुबान मे हां कही और फिर मैंने धीरे धीरे उसके सलवार और पायजामा को खोला अब वो ब्रा और पेण्टी मे मेरे सामने थी उसका बदन तो मानो अप्सरा का बदन लग रहा था और शर्मा रही थी और अपने चेहरे को अपनी हाथों से ढके हुई थी फिर मैंने धीरे से अपने कपड़े को उतारा और उसके स्तन को धीरे धीरे दबाना शुरू किया शायद उसे अच्छा लग रहा था अब मैंने उसके ब्रा को खोल दिया और मेरे सामने उसके संतरे जैसे दो चीज़ आ गई और मैंने अपने मुह से उसके स्तन को चूसना शुरू किया ये अहसास उसे अच्छा लग रहा था और वो ज़यादा उत्तेजित हो रही थी और मैं भी अब काफ़ी उत्तेजित होने लगा था।

फिर मैंने उसके पेण्टी को उतार दिया अब मेरे सामने मानो जैसे दुनिया की सबसी बड़ी चीज़ नज़र आ रही थी क्योंकि अभी तक मैंने किसी भी लड़की को ऐसे नही देखा था। अब मैंने अपने लंड को उसके मुंह मे दे दिया। पहले तो उसने मना किया काफ़ी मनाने के बाद वो मान गई और मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया मैं तो मानो की सातवे आसमान मे सफ़र कर रहा था उस अहसास का बयान मैं नही कर सकता की मैं कैसा महसूस कर रहा था। उसके चूसने से मेरा लंड काफ़ी टाईट हो गया और मैंने इसे उसके बुर मे धीरे धीरे डालना शुरू किया उसे काफ़ी तकलीफ़ महसूस हो रही थी।

पहली बार किसी मर्द के लंड उसके बुर मे जो जा रहा था। मैंने उसकी तकलीफ़ को समझते हुए धीरे धीरे लंड को अंदर डाला अब तो उसे भी मज़ा आने लगा और थोड़ा ऊऊऊ आआआ ईईई के आवाज़ के साथ वो पूरा मज़ा लेना चाहती थी और मैं भी इस मौक़े को छोड़ना नही चाहता था और हमलोगो ने क़रीब 1 घंटे तक अपनी जवानी का मज़ा लिया लेकिन इसके बाद हम दोनों की चाहत बढ़ती गई और हम लोग रात मे भी ये काम सबसे बचते हुए करने लगे और घर मे कोई ना हो तो फिर क्या कहना। इस तरह से हमलोगो ने क़रीब 7 साल तक अपनी जवानी का मज़ा लेते रहे। अब उसकी शादी हो चुकी है मगर मैं अभी भी कुंवारा हूँ और उन दिनों के बारे मे सोचकर आज भी दिल रोमांचित हो जाता है।


Most Memorable Experience Of My Life

Dear all, I Wanted to post my true experience during my college time when I was 19 years old I am now 33during my college days I was staying at my Nani’s house as my college was far away from my parents place around 50 km. in my grand ma’s place 2 of my uncle, Mami and their baby were staying with me. My younger uncle was married for 3 years and they had a small baby 4/5 months during that time.

I was in 2nd year graduation and was a very shy boy during those days and mostly I was busy with my studies tuition and little bit conscious about my career. during my stay at Nani’s place I developed good understanding with all my mami and family members as everyone were liking me for my nature and innocence in early morning I used to go to college and back to home around lunch time. My uncles were into give job and they used to go to office early at morning so after returning from college.

I used to help my younger mami name Mamta who waits for me to help her for baby bath as my cousin was 6 month at that time. She was 23 of age at that time and very friendly to me. I never had any bad intention nor I had developed any sexual desire for her although she looks very sexy like a sex goddess during those days as I was so innocent and caring for my relatives day by day I came close to mamta mami as I was very helpful to her and during baby bath. More

Chacha Bade Jaalim ho Tum


Dosto ye kahaani ek aisi aurat ki hai jo apna vansh chalaane ke liye apni bahu ko ek sabji waale se hi chudawaa deti hai. To dosto kahaani kuch is tarah se hai…………

Raziyaa shaah 24 saal ki ek shaadi shuda javaan mahila thi uski shaadi rahamaan ke saath 6 saal pahle hui thi. lekin abhi tak unke koi bachcha nahi hua tha. doctor se jaanch karaane par Raziya ki report to normal nikali lekin rahamaan ki repot me uske shukraanu bahut kam the. Raziya ki saas Rehanaa bi 45 saal ki thi unke pati 15 saal pahle gujar chuke the. jab unke bete ki shaadi hui to rehaanaa bi bahut khush thi lekin shaadi ke kuch saal baad bhi jab unki bahu ke koi bachcha paidaa nahi hua to unko chinta hone lagi.

Rehaana bi ki chinta us din our badh gai jab ek din unhone apne bete ki report padh li. Rehaana poori tarah se narvas ho gayi ki unka beta kabhi baap nahi ban paayega . Rehana bi ne is maamle ko apne haath me le liya unhone saari report Raziya ko dikhaai. wo kisi bhi haal me apne pote ka munh dekhna chahati thi chaahe uske liye kuch bhi kyo na karnaa pade.

Hari singh ek sabji bechane waala tha. wah pichle 8-10 saal se Rehaana bi ke bangle ke aas paas hi sabji bechataa tha. Hari singh ki umar 40 saal thi wah Rehaanaa bi ko bahan ji bolta tha our Rehaana bi use Hari bhai bolti thi muhalle ke baaki sab log Hari ko Hari chacha kahte the Hari dekhane me hatta kataa our sundar tha wo apne kaam ke samay shirt our dhoti pahnataa tha .

dopahar ko Hari Rehaana bi ke bangle ki sidiyo ke paas baithakar hi khaana khaata tha Rehaana bi bhi use aksar thandaa paani de diya karti thi. Rehaana bi ne Hari singh se baat karne ki sochi lekin sawaal ye bhi tha ki agar Hari maan bhi jaata hai to kya Raziya ek sabji waale ke saath sone ko taiyaar ho paayegi. Fir Rehaana bi ne socha ki pahle Hari se baat kar le fir wo Raziya se baat karengi.

Agle din Rehaana bi ne Raziya ko bataaya ki wo kisi kaam se bahar jaa rahi hai aadhe ghante me waapas aa jaayengi dopahar ka samay tha kaafi log road par aa jaa rahe the . Rehaanaa bi ne socha is samay wo Hari se free hokar baat kar sakengi. Rajiya sone ke liye first floor par baath room gayi.

Usne dekha uski saas Hari singh se baat kar rahi hai jab 5 minat baad Raziya waapas aai to usne dekha Rehaana bi abhi tak Hari singh se baat kar rahi thi. ye theek nahi tha wo jaanti thi ki jab bhi Rehaana bi sabji kharidane Hari ke paas aati to aksar baat karti thi. Raziya balcony me aayi our wahaan se dono ko dekhane lagi Hari ka munh uski taraf tha our Rehaana bi ki pith uski taraf thi.

Rehaana bi Hari ki choti si dukaan par gayi . Hari ne unko namaste kiya. Rehaana bi ne road ke idhar udhar dekha our kahaa , “Hari bhai mujhe tumse ek kaam hai.

Kaam bada nazuk hai, kisi aur ko maalum hua to meri badi badnaami hogi. Kya main tumpe bharosa rakh sakti hoon?”

Hari ne apni aankho hi aankho me bharosa dilaaya our kaha, “Kaisi baat karti ho behan?Aap jo kuch bolengee wo jaan jane tak kisi ko nahi pata chalegaa , yaha tak ki aapke bate ya bahu ko bhi nahi .”

Rehaana bi thodi narvas huyi lekin fir unhone mann hi mann kuch socha, “Hari dekh kaam kuch galat hai, koi bhi saas ya maa ye kaam karne ko kisi gair mard ko nahi bolegi. Hari tu janta hai ki Rehman ki shadi ko 6 saal ho gaye aur abhi usse oulaad nahi hui. Isme Razia ka koi dosh nahi, poora dosh mare Rahmaan mai hai. Hari mujhe malum hai tune meri pechaan ki dost Shanti ben ki bahu ki madad ki thi, mai chahati hoon waise hi madad tu meri bahu ki kare aur mujhe ek pyara sa naati de.”

Unhone ek saans me hi saari baat kah di our Hari ke chehare ki taraf dekhane lagi .

Hari ko apne kaano par vishwaas nahi hua ki Rehaana bi apni bahu Raziya ko chodane ke liye kah rahi hai kya ye ek sapna hai ya sach me unhone aisa hi kaha ha. Haan ye sach tha ki usne shaanti ben ki bahu prabha ko choda tha. Aaj prabha ke ek beta tha. our wo apne pariwaar me khush thi. Hari Rehaana bi ke munh se dubaara sun kar kaano par vishwaas karna chaahta tha.

Hari ne Rehaana bi ko dekha our kaha “Behan aapko pota chahiye aur isliye aap chahati hai mai Razia ke saath kuch karu? Mai Hindu hoon aur aap Musalmaan, phir bhi aap yeh chahati hai? Bahanji mujhe usme koi dikkat nahi par galati se kissi ko pata chala to kya hoga aap soch lo. kyonki main ek hindu hun our aap ek musalmaan .

Hari ne Rehaana bi ko jaabab dene ke baad Hari ne dekha ki Raziya balcony se un dono ko hi dekh rahi thi.

Rehaana bi ne apne man me kaafi socha fir boli , “Dekh Hari, mera ye kaam karne ke tumhe mai 25000 dene ko taiyaar hoon. Par kisi bhi tarah baat bahar nahi jaani chahiye ye dekhna tera kaam hai. Rahi baat Hindu-Musalmaan ki to tum to humari mushkil jante ho. Mujhe ab to bus naati ka munh dekhna hai, bhale wo pota mare ladke se hua ho ya kisi aur se.

Bina pote ka munh dekhke mar gayee to upar jake Rehman ke abbu ko kya munh dikhaaungi. Ye lo 5000 advance main aur ab aage ka kaam kaise karna hai ye tum jaano. Tum dono ko sahulat dene mai tare bolne pe 15-20 din ke liye beti ke ghar jaaungi, jab tak mai wapas aau tum kaam kar dena mera.”

Hari ne socha aaj ka din kitna shubh hai use 5000 rupaye bhi mil rahe hai our ek sexi ourat bhi . wah kabhi paiso ko dekhta kabhi Rehaana bi ko our kabhi Raziya ko . usne Rajiya ko chhoti si smile di our Rehaana bi se bola , “Wah behan, paisa bhi aur bahu bhi, maaza aayega.

Thik hai behan mai apko pota dunga par aage kuch gadabad hui to mujhe mat phansaana. Gadbad matlab aapka pota mare jaisa dikhe aur Rehman ne shak kiya aur dar ki wajah se Razia ne agar aapke ladke ko sab bataya to wo mujhe maar daalega.”

Main aur Meri Bahu

Ravi ka Lund teji se andar bahar ho raha tha. Uske chehre ke khinchav ko dekh kar lag raha tha ki wo dubara chutne wala hai. Ravi aur jor jor se Lund pel raha tha. Dono ki sanse phuli hui thi. “Ye meraaaaaa chuta” kehkar Ravi ne virya Raj ki gaand mein undel diya. “HAAAAAAAAN MUJHE MEHSUS HO RAHAAAAAAA HAI, CHODDDD DO SARA PANI MERI GAAAAAAND MEIN CHOD DO.” Raj hanfte hue bol raha tha. Inki chudai dekh mein dang rah gayi thi. Mein soch rahi thi kya Rashmi ko ye sab malum hai? Rashmi bhi to Ravi se chudwati hai, to jarur malum hoga. Mein chupchap apne kamre mein aa gayi. Meri choot bhi inki chudai dekh gili go gayi thi. Mera khud ka man chudwane ko kar raha tha. Sham ko mein shopping ke liye ghar se nikli, mere khayalon mein abhi bhi Raj aur Ravi ka nazara ghum raha tha. Meine soch liya tha ki mein unpar jyada nazar rakhungi, shayad Rashmi ko chudate dekhne ka mauka mil jaye. Do din bad mein kam par se ghar lauti to mujhe Raj ke kamre se awazen sunai de rahi thi. Meine dhire se khidki se jhanka to dekha bistar par Ravi, Raj aur Rashmi ke bich mein baitha hua tha. Teeno nange the aur unke kapde kamre mein charon taraf bikhre pade the. Rashmi ghutno ke bal hokar Ravi ka Lund choos rahi thi. “Ab meri bari hai.” Kehkar Raj ne Rashmi se Ravi ka Lund liya aur choosne laga. Rashmi bistar ke niche utar Raj ke Lund ko apne muh mein le choosne lagai. Mein ascharya chakit thi ki mera beta aur uski hone wali biwi dono hi Lauda choos rahe the. Raj aur Rashmi dono Lund ko tab tak chooste rahe jab tak Ravi aur Raj ke Lund pani nahi chod diya. Ravi ne apne virya se Raj ka muh bhar diya aur Raj ne apne virya ki pichkari Rashmi ke muh meih chod di. Ravi ne phir Rashmi ko bistar ke kinare par bitha uski tange faila di. Usne dono tange ko aur faila apna jeev Rashmi ki choot par rakh use chatne laga. Ravi ab jor jor se uski choot ko choos raha tha, wo apni jeev uski choot ke andar dal chod raha tha. Thodi der mein hi Rashmi ke muh se madak siskariyan phut rahi thi. “HAAAAAAN CHAAAAAAAATO AURRRRRR JOR SE CHOOOSO HAAAAAAAIN YAHIIIIN.” Rashmi ka sharir akadne laga, wo apni gardan unmad mein idhar udhar kar rahi thi. Lagta tha ki Ravi is khel ka purana khiladi tha use achci tarah malum tha use kya karna hai, wo jor se apni jeev Rasmi ki choot mein ghusa apne hothon se puri choot ko muh mein le leta. Wo jor jor se tab tak Rashmi ki choot chat raha tha jab tak Rashmi ki choot nahi chod diya aur wo thak kar use rukne ko kehne lagi, “Please ruk jao basssssss aur nahi mein aur sehan nahi kar sakti.” Mein agle char ghante tak is chudai ka nazara dekhti rahi. Charon asan badal badal kar chudai kar rahe the, jaise puri Kamasutra ka anubhav karna chahte ho. Mein khud ginti bhul gayi ki kayn kitni bar jhada. Thodi der sustane ke bad Ravi ka Lund phir tan kar khada ho gaya tha, Rashmi bhi uska Lund apni choot mein lena chahti thi. Ravi bistar par let gaya aur Rashmi uspar chad uske Lund ko choot ke ched par laga khud uske lund par baith gayi. Ravi ka pura Lund Rashmi ki choot mein ghus chukka tha. Usne Ravi ke Lund ko khud ki choot mein jagah banana ka samay diya aur phir khud dhakke lagane lagi. Uske kulhon ko pakad Ravi bhi niche se dhake laga raha tha. Rashmi ke muh se siskariyan phut rahi thi, “HAAAAAAAAAAN OHHHHHHHHHHHH YAAAAAAAAAAAA AISSSSSSEEEEEEE HI.” Itne mein Raj Rashmi ke piche aa gaya aur use thoda niche jhuka uski gaand ko sehlane laga. Usne apni do ungli uski gaand mein ghusa di, “UUUUUUUU MAAAAAAAA,” Rashmi dard se karahi. Raj thodi Vaseline le apne Lund aur uski gaand pe laga diya, aur phir apna 6′ Lund uski gaand mien pel diya. Ab Ravi Rashmi ko niche se chod raha tha aur Raj piche se. Meine aaj tak do Lund ek sath nahi liye the, ye scene dekh ke meri choot mein pani aa gaya. Meine aane wale dino mein kai bar Rashmi, Raj aur Ravi ko ek sath chudai karte dekha. Mujhe bhi kisi se chudwai kai saal ho gaye the aur mera bhi sharir garma uthta tha. Aisa lagta tha ki tino ko sex ke alava kuch sujhai hi nahi deta tha. Meine nahi janti thi ki ye sab kuch kitne dino tak chalega. Agle mahine Raj aur Rashmi ki shaadi hone wali thi. Ek din jab wo teeno chudai me mashgul the mein har bar ki tarah unhe chup kar dekh rahi thi. Mein apne hi khayalon mein khoyi hui thi ki achanak meine dekha ki Ravi mujhe hi dekh raha tha. Shayad usne mujhe chupkar dekhte pakad liya tha. Kya wo sab ko ye bata dega ye sochte hue mein wapas apne kamre me aa gayi. Kuch din guzar gaye par Ravi ne kisi se kuch nahi kaha. Mein samjhi shayad usne mujhe na dekha ho par us din ke bad meine chupkar dekhna band kar diya. Shanivar ke din Raj aur Rashmi ne apne kuch doston ke sath picnic manane chale gaye. Meine socha ki chalo aaj ghar mein koi nahi mein bhi thoda aaram kar lungi. Meine apne sare kapde uttar diye aur nangi ho gayi. Ek romantic novel le mein sofe par let padhne lagi. Bekhayali me mujhe yaad nahi raha ki meine darwaza kaise khula chod diya. Mujhe pata tab chala jab meine Ravi ki awaz suni, “Kitab padhi jaa rahi hai.” Meine turant apna hath apne night gown ki taraf badhaya par Ravi ne mere gown ko meri pahunch se door kar diya tha. Meine jhat se ek hath se apni chuchiyon ko dhaka aur dusre hath se apni choot ko dhaka. “Tum yahan kya kar rahe ho? Tum to Raj ke sath picnic par jane wale the?” meine thoda chintit hote hue pucha.

Mastaani Taai

Dosto ek baar me kafi dino ke bad apne gaanv ja raha tha . gaanv me mere taau ji ka parivaar rahta hai taai ji ka sneh mujh par kuch jyada hi rahta tha vo mujhe kai baar bulaa chuki thi aaj kafi dino baad apne gaanv ja raha tha, kyuki gaanv me tauji ko paralysis ho gaya, is hadse ki wajah se sara pariwaar gaanv ja raha tha. .

Mein ghar kareeban shaam ke 4 baje pohcha, taiji, sujata aur pooja mujhe dekhkar khush bhi hui kyun ki mein unse kafi samay ke baad mil raha tha, par iss hadse ke chalte khud ko rone se rok bhi na payi aur mere saamne ro padi, meine teeno ko sambhala aur hausla diya ke sab thik ho jayega.

Kuch der baad woh shaant ho gaye, aur maa mere liye chai bana ke aayi, jab meine taiji se tauji ke baare meine pucha to unhone bataya ke kaafi dino se tension mein the, aur kaam ka stress bhi bad gaya tha, sab se bada tension unhe sujata ke shaadi ka tha, issi wajah se unko paralysis hua hai, aur ab doctor kehte hain ke unhe thik hote hote kam se kam 1 saal lag jayega agar ache se dekh bhal ki to, warna mushkil hai tauji ka thik hona, aur woh yeh sab ghar do betiyan, kheti ka kaam kaise dekh payegi, upar se tauji ki sehat ka dhyan bhi rakhna tha, taiji kaafi tension mein thi, meine taiji ko bharosa dilate hue kaha ke sab thik ho jayega aur tauji ki tabiyat bhi thik ho jayegi.

Raat mein sote waqt mein maa aur papa baith ke baat kar rahe the, aur meine jo taiji ne mujhse kaha who unhe bataya, to papa ne kaha beta hume bhi yeh sab pata hai par iss ka kuch na kuch rasta nikal na hi padega, mein apni bhabhi aur 2 bhatijiyo ko aise nahi chod sakta.

Kuch der baat karte karte papa ne kaha beta tum kyun nahi dekh lete yeh sab jab tak tauji thik na ho jaye, mein apna final year ka exam de chukka tha bas ab result aane ki deri thi, taki mein aage padhayi ke liye admission le sakun, aur meine papa se kaha ke mein apni padhayi kaise chod sakta hun, unhone mujhe kafi samjhaya baad mein mummy bhi papa ke sur mein sur milane lagi aur yeh tay hogaya ke mere result aane tak jo 2 mahine baad aane wala tha mein tauji ke ghar pe hi rahunga aur taiji ki har kaam mein madad karunga.

Mujhe bilkul acha nahi laga papa mummy ka yeh decession par meine kuch nahi kaha aur chhat par chala gaya, raat ke takreeban 11 baje chuke the sab so gaye the, mein yeh sochne mein busy tha ke mein apna time kaise bitaunga, tabhi meri nazar tauji ke room pe padi, chhat se unke room ki khidki saaf dikhaye deti thi.

Meine dekha taiji tauji ki tel se maalish kar rahi thi, doston tab tak mere mann mein taiji yan kisi aur ghar ki lady ke baare mein koi galat vichar nahi tha, meine dekha taiji ne saree pehn rakhi thi aur who tauji ke body pe maalish kar rahi thi, waise aapko taiji ke baare mein bata dun unki umar kareeban 45 saal hai aur woh thodi khubsurat hai, unki body thodi heavy hai.

khaas karke unki gaand aur thighs ka area aur unke boobs bhi bade hain, achanak meine dekha ke tel ki bottle jo ki bistar pe padi hui thi who gir gayi, sara tel bistar pe fail na jaye isliye taiji usse saaf karne mein lag gayi, aur iss chakkar mein thoda tel taiji ki saree pe bhi lag gaya, taiji sab saaf kar ke bathroom mein chali gayi.

shayad apni saree saaf karne gayi hongi, jab woh bahar aayi to sirf peticot or blouse mein thi, taiji ka figure meri ankhon ke saamne tha, aur sach bataun doston unhe dekh ke mere ander ajeeb se hulchul mach gayi, kuch minute mein hi mera unko dekhne ka najariya badal gaya.

phir unhoone light band ki aur so gayi, mein bohat nirash hua aur sone chala gaya, mujhe puri raat neend nahi aayi aur mein taiji ke bare mein hi sochta raha…

Kisi tarah subeh hui chote dono chacha unki family apne ghar jane ko taiyaar the, tabhi papa ne sabko bulaya aur bataye ki kuch mahine mein yahin rahunga aur tauji ke ghar aur gharwalon ki dekh bhal karunga, sab yeh sun kar khush hue khaas karke taiji kyun ki woh yeh sab akele sambhal ne mein ghabra rahi thi, phir papa ne taiji se kaha ke aap nishchint rahe yeh aap logo ki dekh bhal ache se karega, bas kuch der baad nashta karke dono chacha ne apne ghar chalne ki taiyaari ki.

Dopeher sirf mein papa mummy aur tauji ki family thi, meine pura din taiji ko hi dekhta raha kyun ki achanak woh mere liye kisi heroine ki tarah ho gayi thi, jisse pane ke liye mein betaab tha, jab woh jhadu laga rahi thi to piche se unki moti gaand dekh kar mann kar raha tha ke abhi jake apne haathon mein bhar lun unke chutad aur unki gaand mar dun, par yeh sab kisi sapne jaisa hi tha, kyun ki mein jan ta tha rasta aasaan nahi hai.

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